कुपोषित बच्ची को लाने के लिए प्रशासन को
झेलना पडा मुखिया का विरोध
कई शर्तों को मानने पर भेजी अपनी बच्ची को
गुरुवार को
उदयपुर जिले के सेमारी पंचायत समिति के सुरखंड का खेड़ा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर
जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार कुपोषित निवारण के लिए शिविर की शुभ आरंभ हुई इस
शिविर में करीब 153
कुपोषित बच्चों
को जांच की गई जिसमें से 17
बच्चों कुपोषित
पाए गए जिनका शिविर स्थल पर 6 मार्च तक मेडिकल विभाग व सीडीपीओ के संयुक्त देखभाल में इनका इलाज किया जा रहा
है परंतु शिविर में 17
में से 16 बच्चे ही भाग ले रहे हैं यह भनक जैसे ही
प्रशासन को लगी कि आखिर वो एक बच्चा क्यों नहीं आ रहा है स्थानीय स्तर पर उसके माता पिता को बहुत ही
समझाया परंतु उसने स्थानीय लेवल के कर्मचारियों की बात नहीं मानते हुए उनको घर से
भगा दिए और आरोप लगाया कि मेरीबच्ची का 1 दिन आई इलाज करने पर ज्यादा बीमार हो गई दूसरे दिन सेमारी तहसीलदार अब्दुल
रशीद पठान ग्राम पटवारी गजेंद्र गोस्वामी एएनएम मीना शर्मा ,आशा सहयोगिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित पूरा
प्रशासन का जुमला उस परिवार के घर पहुंच गया
कुपोषित बच्चे
के पिता ने प्रशासन को दो टूक में जवाब देते हुए कहा कि मेरी बच्ची को मै नहीं
भेजूंगा वहां पर जाने पर मेरी बच्ची ज्यादा बीमार हो जाती है काफी देर तक गर्मा गर्मी
बहस
होने के बाद
उसने प्रशासन के सामने शर्त रखी मुझे ना तो पंचायत से कोई फायदा मिल रहा है न कुछ
भी नहीं आज भी मैं इस
केलु पोश मकान
में रह रहा हूं मुझे गेहूं तक भी नहीं मिल रहे हैं ना मेरे घर पर बिजली है जिस पर
तहसीलदार ने हाथों हाथ उसको 20 किलो गेहूं के साथ घर पर तत्काल कनेक्शन देने
के साथ-साथ फसल
खराबा प्रधानमंत्री किसान निधि से जोड़ने का आश्वासन पर उस कुपोषित बालिका को लेकर शिविर पर पहुंचा
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